कुछ जज़्बात अनकहे अनसुने

इरादों का आस्मां और उम्मीदों की ज़मीन है
जो तू है साथ तो ज़िंदगी कितनी हसीं है…….
पता नहीं क्यूं आज आँखों में नमी है
शायद गर तू नहीं तो खुशियों में भी कमी है…..
आज तेरी बहोत याद आई है सनम, यूँ जुदाई का ना ढाओ मुज़पे सितम…

एक ही क़ता बार बार नही करते
दिल दे के पछताये थे अब हम प्यार नही करते
तमाशा बना रखा है उल्फत को लोगोने
इसलिये मुहब्बत पे हम ऐतबार नही करते
पर कुछ तो हक़िक़त थी मेरी मुहब्बत मे झालीम
इसीलिये तेरे बेवफाई के किस्से सर-ए-बाजार नही करते

लझ्झत-ए-उल्फत है मौक़ुफ़ जुदाई मे
अब आ रहा है यारो हमको मझा तन्हाई मे
(मौक़ुफ़ = hidden)

आशीको को उल्फत अंधेरो से होती है
परवाना शमा को जलकर भी बुझा देता है

तेरे इश्क़ का खुमार ही तो है
गुस्सा ही सही तेरा अंदाज-ए-प्यार ही तो है
दौर-ए-फ़िराक़ से क्या शिकायत करे अश्क
जो मुद्दतो से है हमराह-ए-झिन्दगी
वो तेरे लौटने का इंतझार ही तो है..

बैठे है तन्हा किसी कि आस मे
कुछ भी नही यादो के अलावा पास मे
सोचते है क्या हुआ जो कोई नही पास हमारे
नाबिना भी तो जिता है तसव्वुर के सहारे
(नाबिना = blind person)

Do you believe in unseen relationship? How pure or honest do you think it could be? If you can’t meet your partner ever, you don’t know his/her gender age still you’ll carry it?
Relations are not meant for physical togetherness instead it is a bond between the hearts of two people by which they share happiness, sorrows and all other emotions. I feel this is what a relation is.
I really don’t know what this relation is called & even i don’t want to know as well…..
And without knowing who you r? where r you from? what do you do? how do you look? and many more such things I am in a relation with you. And more so ever i don’t want you to answer these questions as well…….
I am already in a relation with you; would you like to be in a relation with me in the same way???????